एन ए आई ब्यूरो।
शिमला, राजीव गांधी स्वरोजगार योजना को शुरू करने का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश राज्य को देश में हरित ऊर्जा राज्य के रूप में और इलेक्ट्रिक वाहनों के रूप में विकसित करने का है।
इस योजना को लेकर हिमाचल सरकार द्वारा 10 करोड़ का बजट भी निर्धारित किया गया है।
योजना के तहत डेंटल क्लिनिक की स्थापना के लिए 60 लाख तक की मशीनरी पर सरकार द्वारा 25 से लेकर 35% तक अनुदान भी दिया जाएगा।
वही दूसरी ओर इसमें जरूरी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 50% सब्सिडी और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 40% सब्सिडी भी सरकार द्वारा दी जाएगी।
राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के अंतर्गत युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहन जैसे की टैक्सी, बस और ट्रक खरीदने के लिए प्रोत्साहन और सुविधाएं उपलब्ध करवाई जायेगी।
महिलाओ और दिव्यांगजनो को मशीनरी पर 35% तक की सब्सिडी दी जाएगी।
इस योजना के चलते हिमाचल प्रदेश आने वाले कुछ ही सालो में हरित राज्य बन सकेगा। और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सकेगा।
राजीव गांधी स्वरोजगार योजना की पात्रता
इस योजना के तहत केवल हिमाचल के नागरिक ही आवेदन के लिए पात्र होंगे।
आवेदक की आयु 18-45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। जिसमे यदि कोई महिला आवेदक है तो उन्हे अधिक 5 वर्ष की छूट दी जाएगी।
आवेदक कम से कम 10 वीं पास होना जरूरी है।
आवेदक का बैंक में खाता होना अनिवार्य है। ताकि उन्हें अनुदान का लाभ सीधा बैंक के माध्यम से प्रदान किया जा सके।
हिमाचल प्रदेश के युवा जो स्वरोजगार से जुड़ना चाहते है वह सभी इस योजना के लिए पात्र होंगे।
आवेदन के लिए दस्तावेज
आधार कार्ड
वोटर आईडी
मूल निवास प्रमाण पत्र
बैंक अकाउंट डिटेल्स
आयु प्रमाण पत्र
मशीनरी के बिल
10 पास की मार्कशीट
दिव्यांग होने का प्रमाण पत्र (दिव्यांग होने की स्थिति में)
मोबाइल नंबर
कलरफुल पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
