Spread the love

एन ए आई, ब्यूरो।

कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के हरिपुर निवासी बीएसएफ के नायब सूबेदार संदीप अवस्थी को गुरुवार को उनकी इकलौती बेटी सुधांशी ने मुखाग्नि दी। इस दौरान स्थानीय प्रशासन और सेना की ओर से भी श्रद्धांजलि दी गई।

नायब सूबेदार संदीप अवस्थी की पार्थिव देह गुरुवार सुबह उनके पैतृक गांव हरिपुर पहुंची। जब उनकी देह घर पहुंची तो पत्नी और बेटी बेसुध हो गईं। घर के आंगन में देह को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोगों ने गमगीन होकर उपस्थिति दर्ज करवाई। इसके बाद नजदीकी मोक्ष धाम में सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

संदीप अवस्थी के पार्थिव देह लेकर पहुंचे नायक सूबेदार परसराम और राइफलमैन रवि कुमार ने बताया कि देह को डिब्रूगढ़ से दिल्ली तक और दिल्ली से चंडीगढ़ तक हवाई मार्ग से लेकर आए। इसके बाद सड़क मार्ग से गुरुवार सुबह उनके घर पहुंचे। 16वीं गढ़वाल राइफल में एक जेसीओ और 10 गार्ड (ओआरएस) ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ संदीप अवस्थी को अंतिम विदाई दी। नायब सूबेदार (क्लर्क) के पद पर तैनात संदीप अवस्थी (53) की तीन दिसंबर की रात हृदयाघात से तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में मौत हो गई।

संदीप अवस्थी असम राइफल्स की 24वीं बटालियन में सेवारत थे। वह 1992 में बतौर राइफलमैन भर्ती हुए थे। संदीप की पत्नी सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं तथा उनकी एक बेटी है।  गुरुवार को नायक सूबेदार परसराम ने जब उनकी बेटी सुधांशी को तिरंगा सौंपा तो वह जोर-जोर से अपने पापा को पुकारने लगी, जिससे वहां पर मौजूद हर किसी की आंखों से आंसू निकल आए। उनके अंतिम संस्कार के मौके पर देहरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक कमलेश ठाकुर भी मौके पर मौजूद रहीं और उन्होंने बेटी और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।बेटी सुधांशी शर्मा ने कहा कि पिता 10 से 15 दिन पहले डेढ़ महीने की छुट्टी काट कर गए थे और रोज उनका फोन आता था। लेकिन मंगलवार को जब फोन आया तो उन्होंने बात नहीं की, बल्कि सेना के अधिकारी ने बात की और उनके देहांत की सूचना दी।

Leave a Reply