एन ए आई, ब्यूरो।
शिमला, आईजीएमसी में मारपीट प्रकरण में बर्खास्त चिकित्सक की बहाली और चिकित्सकों की सुरक्षा की मांग को लेकर रेजिडेंट और मेडिकल ऑफिसर की हड़ताल रविवार को समाप्त होने के बाद सोमवार को अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं शुरू हुई। आईजीएमसी व केएनएच मातृ शिशु एवं स्त्री रोग अस्पताल में हड़ताल पर गए रेजिडेंट के साथ कंसलटेंट ने ओपीडी में मोर्चा संभाल कर मरीजों का उपचार शुरू कर दिया, वहीं क्षेत्रीय दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर चिकित्सकों ने अपने अपने विभाग में सुबह साढ़े नौ बजे ही पहुंच कर सेवाएं शुरू कर दी।
इससे राजधानी शिमला सहित पूरे प्रदेश भर के अस्पतालों में हड़ताली चिकित्सकों के के लौटने से आम लोगों ने राहत की सांस ली है। मरीजों को अब अस्पतालों में उपचार मिलना शुरू हो गया है। हड़ताल के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के रविवार देर शाम को वापस लेने के एलान के साथ ही कुछ रेजिडेंट्स के हड़ताल को जारी रखने को लेकर किये गए प्रदर्शन से आम लोगों को सोमवार को ओपीडी सेवाएं नियमित होने की उम्मीद कम थी, शायद यही वजह रही कि सोमवार को ओपीडी में कम संख्या में मरीज पहुंचे थे।
समय सुबह 10:46 मिनट डीडीयू क्षेत्रीय अस्पताल में पर्ची काउंटर पर मरीज पंजीकरण करवाकर ओपीडी में चिकित्सकों को दिखाने जा रहे है। 10:47 बजे स्किन ओपीडी के बाहर पाचं छह मरीज खड़े है, अंदर चिकित्सक डा. अमित चौहान मरीजों को देख रहे है। वहीं स्त्री रोग विभाग की ओपीडी के बाद दस से बारह महिला मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे है, बारी बारी अंदर जा रहे है।
अस्पताल के आर्थोपेडिक्स विभाग में डा. प्रदीप जोल्टा और डॉ. अभिवन शर्मा दोनों बैठे मरीजों को देख रहे है, मगर सबसे अधिक भीड़ वाले इस विभाग की ओपीडी में आज पांच से छह मरीज ही पहुंचे हैं। 11 बजे तक अस्पताल के पंजीकरण काउंटर से 277 मरीजों का पंजीकरण करवाकर पर्चियां बन चुकी थी। ऊपरी मंजिल में जैरियेट्रिक ( बुजुर्गजन)चिकित्सा ओपीडी में चिकित्सक उपलब्ध नहीं है। यहां ठियोग निवासी बुजुर्ग वेद प्रकाश अपने शूगर का उपचार करवाने आए थे।
