एन ए आई ब्यूरो।
शिमला, हिमाचल प्रदेश में अगले चार-पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में वर्षा, बर्फबारी और आंधी-तूफान के आसार हैं। पाकिस्तान से आ रहे एक नए पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान में बने चक्रवाती प्रणाली के कारण है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। इसके अलावा, शिमला, सोलन, मंडी, कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर, सिरमौर, चंबा और कुल्लू सहित मध्य और निम्न पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विभाग ने कई जिलों में 50 किलोमीटर (किमी) प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी दी है। पिछले 24 घंटों में देहरा गोपीपुर में सबसे अधिक 37.2 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज हुई। पांवटा साहिब में 17.4 मिमी और शिमला में 16.6 मिमी बारिश होने के साथ तेज हवाएं भी चलीं। कंडाघाट, जुब्बड़हट्टी, कुफरी, सोलन और करसोग में भी अच्छी बारिश हुई। राज्य में अब तक ताजा बर्फबारी की कोई सूचना नहीं है, लेकिन दिन के तापमान में तेज गिरावट आई है, जो सामान्य से तीन- आठ डिग्री तक नीचे रहा। शिमला में अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री कम था। सोलन में तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 13 डिग्री सेल्सियस कम है।
ऊना सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। रात का तापमान सामान्य के करीब रहा। कुकुमसेरी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस रहा। कल्पा, मनाली और केलांग जैसे अन्य हिल स्टेशन भी ठंडे रहे। मौसम विभाग ने तीन- चार मई को ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। विभाग ने लोगों को आंधी-तूफान के समय घर के अंदर रहने, पेड़ों के नीचे नहीं जाने और बिजली के तारों और जल स्रोतों से दूर रहने को कहा है। बागवानों को फसलों की सुरक्षा के लिए ओलावृष्टि जाल (हैल नेट) लगाने की सलाह दी गई है।
