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एन ए आई, ब्यूरो।

धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही जोरावर मैदान में दोपहर को आयोजित जन आक्रोश रैली के दौरान भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की से माहौल तनावपूर्ण हो गया। रैली के बाद भाजपा नेताओं के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने विधानसभा के घेराव के लिए दूध और गोबर लेकर निकलने का प्रयास किया।

जोरावर मैदान के साथ ही पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स को हटाकर जैसे ही भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विधानसभा की ओर कूच करने का प्रयास किया तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दाैरान भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच खूब धक्का-मुक्की हुई। धर्मशाला से पूर्व विधायक विशाल नैहरिया सहित अन्य नेताओं के साथ पुलिस की ओर से की गई धक्का-मुक्की से तनाव और बढ़ गया।

इस पर युवा मोर्चा के कुछ पदाधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पुलिस वाहन में भर दिया। लेकिन भाजपा के बड़े नेताओं के हस्तक्षेप के चलते पुलिस ने कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया। पुलिस और भाजपा के बीच हुई धक्का मुक्की में भाजपा के एक विधायक का पर्स गुम हो गया। साथ ही कई अन्य कार्यकर्ताओं के मोबाइल भी भीड़ में गायब हो गए। इससे पहले जन आक्रोश प्रदर्शन के समाप्त होने के दौरान ही भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं से नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में विधानसभा का घेराव करने का आह्वान किया। इस आह्वान के दौरान ही पुलिस भी अलर्ट हो गई और जोरावर मैदान के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के साथ ही सड़क को बैरिकेड्स  लगा कर बंद कर दिया। इन बैरिकेड्स पर पुलिस के आला अधिकारी मुस्तैद थे।
साथ ही क्यूआरटी सहित अन्य पुलिस जवानों ने मोर्चा संभाल लिया और किसी को भी विधानसभा की ओर से जाने नहीं दिया। जैसे ही बेरिकेड्स पर भीड़ बढ़ी तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। नाकाबंदी को संभालने के लिए पुलिस जवानों ने पीछे से बेरिकेड्स को पकड़े रखा। साथ ही स्थिति खराब होने की आशंका को देखते हुए आंसू गैस गोले दागने वाली पुलिस टीम और अग्निशमन विभाग भी अलर्ट पर रहा। कुछ देर तक तनावपूर्ण माहौल के बाद भाजपा कांगड़ा-चंबा प्रभारी विपिन सिंह परमार ने बैरिकेड्स पर चढ़कर कार्यकर्ताओं को शांत किया और शांतिपूर्ण वहां से अपने-अपने गंतव्यों की ओर जाने का आह्वान किया। इसके बाद माहौल शांत हुआ।
इसके बाद गारंटियों की पोशाक पहने भाजपा के विधायक विधानसभा की ओर अपने-अपने वाहनों में निकलसाथ ही क्यूआरटी सहित अन्य पुलिस जवानों ने मोर्चा संभाल लिया और किसी को भी विधानसभा की ओर से जाने नहीं दिया। जैसे ही बेरिकेड्स पर भीड़ बढ़ी तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। नाकाबंदी को संभालने के लिए पुलिस जवानों ने पीछे से बेरिकेड्स को पकड़े रखा। साथ ही स्थिति खराब होने की आशंका को देखते हुए आंसू गैस गोले दागने वाली पुलिस टीम और अग्निशमन विभाग भी अलर्ट पर रहा। कुछ देर तक तनावपूर्ण माहौल के बाद भाजपा कांगड़ा-चंबा प्रभारी विपिन सिंह परमार ने बैरिकेड्स पर चढ़कर कार्यकर्ताओं को शांत किया और शांतिपूर्ण वहां से अपने-अपने गंतव्यों की ओर जाने का आह्वान किया। इसके बाद माहौल शांत हुआ। इसके बाद गारंटियों की पोशाक पहने भाजपा के विधायक विधानसभा की ओर अपने-अपने वाहनों में निकल गए।

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