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एन ए आई, ब्यूरो।

शिमला,

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की आज अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक है। मुख्यमंत्री अधिकारियों से सीमेंट कंपनी को लेकर उपजे विवाद पर फीडबैक लेंगे। विवाद को सुलझाने के लिए अधिकारियों द्वारा किए गए प्रयासों की जानकारी भी लेंगे।

मुख्यमंत्री आज दोपहर को दिल्ली से लौट रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री के साथ बैठक में मुख्य सचिव RD धीमान, ACS वित्त प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव उद्योग एवं परिवहन RD नजीम और अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे।

सीमेंट प्लांट को लेकर उपज़े विवाद की रिपोर्ट DC सोलन और बिलासपुर से भी मांगी गई है। मसले को सुलझाने के लिए सरकारी स्तर पर क्या प्रयास किए गए हैं, उसकी भी जानकारी देने को कहा गया है।

संभावना जताई जा रही है कि बैठक में सरकार ट्रक भाड़े के रेट फाइनल कर सकती है, जिसे लेकर विवाद खड़ा हुआ है। सरकार दोनों पक्षों को राहत देना चाहती है, जिसके तहत माना जा रहा है कि सीमेंट की ढुलाई की दरें अब 8 रूपए 10 पैसे तक की जा सकती है। यह बीच का रास्ता इस वक्त निकला है और इससे दोनों पक्ष कितना राजी होते हैं, यह वक्त बताएगा।

सरकार ने कई सालों पहले हाईकोर्ट की कमेटी के कहने पर 6 रूपए प्रति टन प्रति किलोमीटर की दर तय की थी, लेकिन सालों बाद भी उन दरों को बदला नहीं जा सका। इस बीच ट्रक ऑपरेटर अपने आप से दरें बढ़ाते रहे और कंपनियों के साथ उनके समझौते होते रहे। पेट्रोल और डीजल के साथ स्पेयर पाटर्स और दूसरा खर्चा भी काफी ज्यादा बढ़ चुका है। ऐसे में सरकार भी चाहती है कि ट्रक ऑपरेटरों को नुकसान न हो।

राज्य सरकार सीमेंट प्लांट को लेकर उपजे विवाद को विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले सुलझाना चाह रही है। ऐसे में सभी तरह के विकल्पों पर सोमवार को मुख्यमंत्री सुक्खू चर्चा करेंगे और अधिकारियों के साथ एक व्यापक रणनीति बनाएंगे। संबंधित अधिकारियों को इस मामले को लेकर विस्तृत रिपोर्ट लेकर चर्चा करने को बुलाया गया है।

सरकार ने पहले ही ACC और अंबुजा सीमेंट कंपनियों को सरकारी सीमेंट के लिए दिए गए वर्क ऑर्डर को डायवर्ट कर दिया है, ताकि निर्माण कार्यों में सीमेंट की कमी पेश न आए। सरकार ने अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी को एक लाख से ज्यादा सीमेंट की बोरियों का सप्लाई ऑर्डर जारी कर दिया है और ठेकेदारों को भी ढुलाई के रेट 20 रुपए ज्यादा देने को कहा है। दोनों सीमेंट कंपनियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।

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