एन ए आई ब्यूरो।
शिमला, नगर निगम चुनाव में जनता ने 34 में से 24 सीटों पर कांग्रेस पार्टी को जिताया एवम बहुमत में लाई। भाजपा 9 सीटों पर ही विजय पा सकी जबकि सीपीआईएम केवल 1 सीट पर विजय पा सकी। आम आदमी पार्टी तो खाता तक नहीं खोल पाई।
जनता ने विकास कार्यों की पूर्ति हेतु राज्य सत्ता में उपस्थित कांग्रेस सरकार को ही चुना ताकि विकास कार्य बिना किसी मुश्किल के मुमकिन हो। हालांकि वोटिंग कम हुई है फिर भी जनता ने एकतरफ फैसला दिया। प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा हाल ही में विभिन्न कर्मचारियों के पक्ष में लिए गए फैसलों का भी इस चुनाव नतीजों पर परिणाम देखने को मिला। तो कांग्रेस पार्टी की वर्तमान सुक्खू सरकार की रणनीति और आलाकमान की एकजुटता ने इन चुनावों में विजय प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारतीय जनता पार्टी ने भी हालांकि पूरे जोर शोर से चुनाव में आजमाइश की किन्तु कहीं न कहीं अवांछनीय प्रत्याशी को टिकट आंबटन, धरातल की स्थिति का सही आंकलन ना कर पाना आदि कारणों से भाजपा जनता से जमीनी तौर पर नहीं जुड़ पाई, जिसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ा। हालांकि हाल ही में नियुक्त भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल एवम पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चुनावों में पूरी ताकत झोंकी फिर भी वे चुनाव नतीजों को भाजपा के पक्ष में नहीं कर पाए। भाजपा को चुनाव नतीजों पर एक गंभीर समीक्षा करने की आवश्यकता है।
जनता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के इस कार्यकाल में होने वाले विकास
कार्यों पर पैनी नजर रखेगी एवम सुनिश्चित करेगी की वही प्रत्याशी अगली बार सत्ता में आएंगे जो विकास कार्य सुनिश्चित करेंगे। जनता की महत्वपूर्ण मांगों में वार्ड के रास्तों का चौड़ा होना, बच्चों के लिए प्लेग्राउंड एवम पार्क आदि का निर्माण, पार्किंग की समस्या से निजात आदि है।
