एन ए आई, ब्यूरो।

शिमला, हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक गुरुवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित कई संस्थानों को स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट की बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए हिमाचल प्रदेश आरंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षक योजना-2022 को स्वीकृति प्रदान की गई। योजना के अंतर्गत छोटे बच्चों का स्वस्थ मानसिक विकास सुनिश्चित करने के दृष्टिगत आरंभिक वर्षों में उनके मस्तिष्क की उचित देखभाल एवं प्रोत्साहन की परिकल्पना की गई है। योजना के तहत सामाजिक-आर्थिक रूप से सुविधाओं से वंचित जिलों और क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।

शिक्षा विभाग की ओर से भर्ती के लिए भर्ती एवं पदोन्नति(आरएंडपी) नियम तैयार किए जाएंगे और जब तक आरएंडपी नियमों को अंतिम रूप प्रदान नहीं किया जाता तब तक विभाग हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम(एचपीएसईडीसी) के माध्यम से आउटसोर्स पर शिक्षक नियुक्त करेगा। नर्सरी टीचर एजुकेशन/प्री स्कूल एजुकेशन/पूर्व बाल्यकाल शिक्षा कार्यक्रम में एक वर्ष का डिप्लोमा करने वाले अभ्यर्थियों की योग्यता में मापदंडों के अनुसार पात्र बनाने के लिए विभाग ब्रिज पाठ्यक्रम तैयार करेगा। इसके तहत शिक्षक को प्रतिमाह 9,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।

कैबिनेट ने खाद्य तेलों पर अनुदान दोगुना करने को स्वीकृति प्रदान की। इसके तहत सितंबर 2022 से मार्च 2023 तक सात महीनों के लिए खाद्य तेल सरसों और सोया रिफांइड तेल) पर ओटीएनएफएसए लाभार्थियों को 5 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति लीटर और एनएफएसए के लाभार्थियों को 10 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये प्रति लीटर अनुदान प्रदान किया जाएगा। बैठक में कई बजट घोषणाओं पर भी मुहर लगी है। कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 24 सितंबर को प्रस्तावित मंडी रैली के संबंध में चर्चा की गई। हालांकि, कैबिनेट में आउटसोर्स कर्मियों के लिए पॉलिसी पर फैसला नहीं हो पाया है।

बैठक में प्रदेशभर के 499 वन विश्राम गृहों और निरीक्षण कुटीर के उचित रख-रखाव और भोजन प्रबंध के लिए वन विभाग में 499 पैरा कुक और 563 पैरा हेल्पर नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित लगभग 2,000 करोड़ रुपये के ‘हिमाचल विद्युत क्षेत्र विकास कार्यक्रम’ की समयबद्ध निगरानी, क्रियान्वयन एवं सत्यापन लिए ऊर्जा निदेशालय में प्रस्तावित पीएमयू प्रतिष्ठान की स्थापना को अपनी स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में शिक्षा विभाग में कार्यरत जलवाहकों की सेवाओं को नियमित करने का भी निर्णय लिया। इनमें 31 मार्च और 30 सितंबर 2022 तक 11 साल (अंशकालिक जल वाहक और दैनिक वेतनभोगी के रूप में) का सेवाकाल पूर्ण करने वाले जलवाहक शामिल हैं। सोलन जिले के 50 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल धरमपुर में डॉक्टरों के तीन पद, पैरा मेडिकल स्टाफ के दो पद और नर्सों के छह पद सृजित करने का भी निर्णय लिया।

बैठक में सोलन जिले के सुबाथू में नई उप तहसील खोलने व विभिन्न श्रेणियों के 12 पदों के सृजन व भरने की स्वीकृति प्रदान की गई। शिमला जिले के ठियोग विधानसभा क्षेत्र के मतियाना में नई उप तहसील खोलने व इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 12 पदों के सृजन और भरने की मंजूरी दी। शिमला जिले में विभिन्न श्रेणियों के 12 पदों के सृजन एवं भरने के साथ तहसील। बिलासपुर जिले की झंडूता तहसील अंतर्गत तलाई में नई उप तहसील खोलने व विभिन्न श्रेणियों के 12 पदों के सृजित कर भरने का फैसला लिया। इसी तरह शिमला ग्रामीण के तहत तहसील के बलदेहां में नई उप तहसील खोलने को मंजूरी दी गई। इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 12 पदों को सृजित कर भरने का भी फैसला लिया गया। बैठक में शिमला जिले की ग्रामीण तहसील शिमला के अंतर्गत कोटी में नई उपतहसील खोलने व विभिन्न श्रेणियों के 12 पदों को सृजित कर भरने की मंजूरी दी।

कैबिनेट ने कांगड़ा जिले के 50 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल ज्वाली को 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में अपग्रेड करने और आवश्यक पदों को भरने का फैसला लिया। इसी के साथ मंडी जिले के सिविल अस्पताल गोहर को 50 बिस्तरों से 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में अपग्रेड करने के साथ आवश्यक पदों को भरने को भी मंजूरी दी गई। बैठक में मंडी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चौक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने का भी निर्णय लिया गया।

कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश में सड़क एवं अन्य ढांचागत विकास निगम के लिए विश्व बैंक की ओर से वित्तपोषित परियोजनाओं के घटक के अनुसार परिवहन विभाग के सुदृढ़ीकरण के लिए हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन प्रशासन की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की। यह सभी नागरिक सेवाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर होगा और नागरिकों के परिवहन संबंधी सभी आवश्यक अनुरोधों जैसे पंजीकरण, लाइसेंस, उत्सर्जन नियंत्रण, वाहन परीक्षण आदि को पूरा करेगा।

बैठक में सोलन जिले के चंडी, कांगड़ा जिले के चड़ियार, शिमला जिले के जलोग, हमीरपुर जिले के लम्बलू और कांगड़ा जिले के कोटला में नए डिग्री कॉलेज खोलने और इनके लिए प्रत्येक में 16 पदों को भरने का भी निर्णय लिया गया। इन कॉलेजों के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए प्रत्येक को पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।

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