एन ए आई, ब्यूरो।

  • ऊना, जिला भर के करीब 1364 आंगनबाड़ी केंद्र करीब 2 साल के अरसे के बाद आज एक बार फिर से खुल गए। 2 साल बाद खुल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों ने पहली बार अपने स्कूल में कदम रखा। बच्चों के स्वागत के लिए बाल विकास परियोजना के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा भी अच्छे इंतजाम किए थे। नन्हे-मुन्ने बच्चों की स्कूल पहुंचने पर आरती उतारी गई, उन्हें तिलक लगाकर और फूल माला पहनाकर स्कूल में वेलकम कहा गया। इतना ही नहीं बच्चों का दिल लगाने के लिए जहां बहुत सारे खिलौने जुटाए गए वहीं उन्हें खाद्य सामग्री देकर भी घर जैसा माहौल बनाने का प्रयास किया गया।

साल के लंबे अंतराल के बाद खुले आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंच रहे नौनिहालों के अभिभावक भी खुश दिखे। बच्चों के अभिभावकों का कहना था कि आंगनवाड़ी केंद्र खोलने से बच्चों को स्कूल से पहले स्कूल की कल्पना हो सकेगी। अभी 2 साल से चल रही है ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था का असर घर में मौजूद नन्हे-मुन्ने बच्चों पर भी पड़ा। बड़ों को देखते हुए नन्हे मुन्ने बच्चे भी मोबाइल और अन्य गैजेट्स के प्रति ज्यादा आकर्षित हो रहे थे। लेकिन अब आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचने से बच्चों का समग्र विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि स्कूल से पहले आंगनबाड़ी का नन्हे मुन्नो के जीवन में गहरा प्रभाव रहता है। एक तरफ जहां बच्चों में शिक्षण व्यवस्था के प्रति रुचि पैदा होती है वही खेलकूद और अन्य गतिविधियों से बच्चों को मंच पर में आने का भी मौका मिलना शुरू हो जाता है।

आईसीडीएस के परियोजना अधिकारी सतनाम सिंह भी इस दौरान सीडीपीओ कुलदीप सिंह दयाल के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के लिए फील्ड में उतरे रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों का सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में वार्म वेलकम किया जा रहा है। पिछले 2 साल के दौरान कुछ बच्चे ऐसे भी रहे हैं, जिन्हें आंगनबाड़ी जैसा स्कूल देखने का मौका ही नहीं मिला। लेकिन अब आंगनवाड़ी आ रहे बच्चों का भव्यता के साथ स्वागत करते हुए इन केंद्रों में अच्छा माहौल पैदा किया जा रहा है। इससे इन बच्चों के विकास की नींव को मजबूत किया जा सके।

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