एन ए आई ब्यूरो।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय तथा शिक्षण संस्थानों में हो रही हिंसा का भारत की जनवादी नौजवान सभा विरोध करती है एक तरफ जहां काफी लंबे समय बाद छात्रों के लिए शिक्षण संस्थानों को खोला गया है वहीं दूसरी तरफ प्रदेश सरकार व पुलिस प्रशासन शिक्षण संस्थानों में बढ़ रही हिंसा को रोकने में पूरी तरह नाकाम है। प्रदेश में लगातार शिक्षण संस्थानों में इस प्रकार की घटनाएं कहीं ना कहीं लोगों को आपस में बांटने का कार्य कर रहे हैं।कुछ नेता प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्रों की लड़ाई को जाति धर्म समुदाय के नाम पर रंग देने का काम कर रहे हैं। जिसका विरोध भारत की जनवादी नौजवान सभा करती है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की अगर बात की जाए तो वहां पर छात्र संगठनों द्वारा लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किए जाते हैं तथा जिसका सीधा प्रभाव छात्रों की मांगों पर भी पड़ता है । इसी प्रकार से छात्र संगठनों की लड़ाई को राजनीतिक रूप देना सही नहीं है उन्हें जनजातिय छात्रों के नाम पर बांटने की कोशिश भारत की जनवादी नौजवान सभा स्वीकार नहीं करेगी।

भारत की जनवादी नौजवान सभा यह मांग करती है कि प्रदेश भर कि शिक्षण संस्थानों में हो रही हिंसात्मक घटनाओं पर रोक लगाने का कार्य करें नहीं तो भारत की जनवादी नौजवान सभा प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदेश भर में अपने आंदोलन को तेज करेगी।

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