एन ए आई ब्यूरो।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से धर्मशाला के तपोवन विधानसभा में शुरू हो गया है। पांच दिवसीय सत्र का पहला दिन क्षत्रिय और स्वर्णों के भारी हंगामें से शुरू हुआ। स्वर्ण आयोग के गठन की मांग को लेकर देवभूमि क्षत्रिय समाज व देवभूमि स्वर्ण समाज ने पहले ही विधानसभा के घेराव की चेतावनी दे दी थी। सरकार ने भी हंगामे के आसार देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए। 900 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई। तपोवन में माहौल गरमा गया है।

अपनी चेतावनी के अनुसार आज सुबह से ही जोरावर स्टेडियम में बड़ी संख्या में प्रदेश भर से भीड़ जुटने लगी थी और विधानसभा को घेरने की तैयारी कर रही थी। लेकिन जैसे ही भीड़ विधानसभा की ओर बढ़ी पुलिसकर्मियों ने भीड़ को विधानसभा परिसर से आधा किलोमीटर पीछे जोरावर स्टेडियम में ही रोक लिया ।

पुलिस को इस भारी भीड़ को नियंत्रण करने में काफी जदोजहद करनी पड़ी। नारेबाजी करते हुए भीड़ ने विधानसभा परिसर की तरफ जाने का प्रयास किया । जय भवानी के नारों के बीच लगातार भीड़ सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती रही। स्वर्ण नेता विधानसभा परिसर के घेराव की कोशिश करते रहे जिस कारण माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। इस बीच पुलिस और प्रदर्शकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प भी हुई।

हरिद्वार से सरकार के शुद्धिकरण करने के लिए लाए गए गंगाजल को लेकर स्वर्ण नेता विधानसभा परिसर की ओर जाने की कोशिश रहे थे। सरकार से नाराज स्वर्ण समाज जमकर नारेबाजी करता रहा।

गौरतलब है कि देवभूमि क्षत्रिय और स्वर्ण समाज काफी समय से आर्थिक आधार पर आरक्षण ,एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन और स्वर्णों के हित में स्वर्ण आयोग गठित करने की मांग कर रहा है। प्रदेश सरकार की अनदेखी से नाराज स्वर्णों ने 15 नवंबर को शिमला विधानसभा से पैदल आरक्षण की शवयात्रा निकाली थी और हरिद्वार में आरक्षण का तर्पण कर गंगाजल से सरकार का शुद्धिकरण करने और शीतकालीन विधानसभा सत्र का घेराव करने की चेतावनी दी थी।

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