एन ए आई, ब्यूरो।

शिमला, हिमाचल प्रदेश में विश्वविद्यालयों के शिक्षक मंगलवार,और कॉलेजों के शिक्षक 5 जुलाई से पूर्ण शिक्षा बंद करेंगे। यूजीसी पे स्केल लागू करने में हो रही देरी से उखड़े शिक्षकों ने यह निर्णय लिया है। सोमवार को विश्वविद्यालयों और कॉलेज शिक्षकों की संयुक्त संघर्ष समिति की ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें फैसला किया गया कि विश्वविद्यालयों के शिक्षक 28 जून और कॉलेजों के शिक्षक 5 जुलाई से हड़ताल पर जाएंगे। शिक्षकों के इस आंदोलन से विश्वविद्यालय की पीजी प्रवेश की प्रक्रिया थम जाएगी। कॉलेजों में 10 जुलाई से शुरू होने वाली प्रवेश प्रक्रिया की तैयारियां भी नहीं हो पाएंगी।

संयुक्त संघर्ष समिति की कार्यकारिणी के सदस्य डॉ. राम लाल शर्मा और डॉ. जोगेंद्र सकलानी ने कहा कि यूजीसी पे स्केल लागू करने के फैसले को सरकार कमेटियों का गठन करने की बात कहकर टाल रही है। इस मामले को हाल ही में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में भी नहीं लाया गया। पंजाब सरकार 25 जून को यूजीसी पे स्केल लागू करने की घोषणा कर चुकी है। कॉलेज शिक्षकों ने 12 जून से यूजी अंतिम वर्ष की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन बंद कर दिया है। इससे परीक्षा परिणाम लटक गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द शिक्षकों को एक जनवरी, 2016 से यूजीसी पे स्केल का लाभ देने पर निर्णय ले।

कॉलेज और विश्वविद्यालय की संयुक्त संघर्ष समिति ने नई शिक्षा नीति को लागू करने में जल्दबाजी न करने की मांग की है। जेसीसी के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के 95 कॉलेजों में प्राचार्यों के पद खाली हैं। 1500 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। कॉलेजों में ढांचागत और मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।

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