एन ए आई, ब्यूरो।

बिलासपुर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में इन पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) शुरू करने के लिए प्रबंधन ने परीक्षण शुरू कर दिया है। ऑपरेशन थियेटर, लैब, ऑक्सीजन सप्लाई और अन्य सभी उपकरणों की जांच की फाइनल रिपोर्ट के बाद एम्स मरीजों को भर्ती करने की सुविधा देने के लिए तैयार हो जाएगा। ट्रायल के दौरान मरीज को भर्ती करने के लिए कहां पर्ची बनेगी, उसके बाद बेड तक पहुंचाने के लिए क्या प्रक्रिया होगी, इसकी रिहर्सल भी स्टाफ करेगा। वहीं, एम्स में एडवांस एमआरआई थ्री टेस्ला मशीन की सुविधा मिलेगी। प्रदेश में अभी तक सिर्फ 1.5 एमआरआई टेस्ला की सुविधा मिल रही है।

आधुनिक एक्सरे मशीन, सीटी स्कैन और अन्य आधुनिक उपकरणों से डायग्नोस्टिक सर्विस सेंटर को लैस किया जा रहा है। मरीजों को डिजिटल रेडियोग्राफी और फ्लोरोस्कोपी की आधुनिक सुविधाएं देने के लिए मशीनरी एम्स पहुंचा दी गई है। इंस्टॉलेशन का काम शुरू कर दिया है। लोकार्पण के बाद आईपीडी में 150 बेड की सुविधा दी जाएगी। इसमें स्पेशल और सुपर स्पेशलिस्ट बेड भी होंगे। दो ऑपरेशन थियेटर शुरू किए जाने हैं। खास बात यह रहेगी कि जिन सुविधाओं के लिए मरीजों को पीजीआई और दिल्ली एम्स का रुख करना पड़ता था, वे सभी सुविधाएं बिलासपुर में प्रदेश के लोगों को मिलेंगी।

पीएम नरेंद्र मोदी 20 सितंबर के बाद एम्स के लोकार्पण के लिए बिलासपुर पहुंच सकते हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार तैयारियाें में जुटी है। वहीं, एम्स प्रबंधन भी मरीजों को भर्ती करने की सेवाएं शुरू करने के लिए आईपीडी को अंतिम रूप दे रहा है। हिमाचल को सेवाएं देने के लिए बिलासपुर की धरती पर एम्स लगभग तैयार खड़ा है। आईपीडी का शुभारंभ करने के एक से डेढ़ माह में किडनी के मरीजों का डायलिसिस शुरू कर दिया जाएगा।

डॉक्टर दिनेश कुमार वर्मा, एमएस एम्स बिलासपुर ने बताया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान लोगों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की नियुक्ति, आधुनिक उपकरण इंस्टॉल किए गए हैं। आईपीडी के लिए ट्रायल शुरू किया गया है। ट्रायल सफल होने के बाद एम्स में आईपीडी शुरू करने के लिए इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

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