एन ए आई, ब्यूरो।

हमीरपुर, शराब के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई अमल में लाने वाले एक उच्च अधिकारी का प्रदेश सरकार ने हमीरपुर से शिमला तबादला कर दिया है। ढाई साल में इस अधिकारी के दो बार तबादले हो चुके हैं। उपायुक्त राज्य कर एवं आबकारी विशाल गोरला ने 29 अप्रैल 2021 को हमीरपुर में ज्वाइन किया था। इससे पूर्व उन्होंने मंडी जिले में भी महज सवा साल ही सेवाएं दी थीं। इसी साल जनवरी माह में मंडी जिले में जहरीली शराब के सेवन से आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हुई। हमीरपुर जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित पन्याला गांव में शराब की अवैध फैक्टरी का एसआईटी ने भंडाफोड़ किया था। इस मामले में दर्जनों लोगों की गिरफ्तारियां हुई थीं। कारोबारियों की संपत्तियां तक सीज हुई थीं।

अब एक्साइज विभाग ने बीते 22 जून को जिले के तीन शराब ठेकों से बिना परमिट 75 पेटियां अंग्रेजी शराब की बरामद की थीं। जो शराब पकड़ी गई, उसे 31 मार्च के बाद हिमाचल में बेचने की अनुमति नहीं। इन शराब ठेकों को सील करने के बाद हमीरपुर की टीम ने संयुक्त आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी मंडी को रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद शराब कारोबारी को नोटिस जारी हुए और 29 जून को संयुक्त आयुक्त ने शराब कारोबारी के सभी सातों शराब ठेकों के लाइसेंस रद्द कर दिए।

इसके साथ ही इन सातों ठेकों की नए सिरे से नीलामी की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी, लेकिन इसी बीच शराब कारोबारी ने संयुक्त आयुक्त और उपायुक्त राज्य कर एवं आबकारी के इस फैसले को चुनौती देते हुए शिमला स्थित एक्साइज विभाग के आयुक्त के पास अपील कर दी। अब राज्य कर एवं आबकारी विभाग के आयुक्त ने अपील पर सुनवाई करने के बाद सातों शराब ठेकों के लाइसेंस कुछ शर्त के आधार पर बहाल कर दिए हैं।

राज्य कर एवं आबकारी विभाग हमीरपुर की टीम ने टौणीदेवी स्थित शराब ठेकों पर 22 जून 2022 को सोलमेट ब्लू की 75 पेटियां बरामद की थीं। जिस कंपनी की शराब इन ठेकों पर बरामद हुई, उसे 31 मार्च 2022 के बाद हिमाचल में बेचने की अनुमति नहीं है। शराब कारोबारी ने विभाग को 31 मार्च को सूचना दी थी कि उसके पास इस ब्रांड की शराब का स्टॉक बचा हुआ है, इसलिए स्टॉक को बेचने की अनुमति दी जाए। इस पर विभाग ने कारोबारी को 11 पेटियां बेचने की अनुमति दी।

लेकिन, जब विभाग ने दबिश दी तो कारोबारी से 75 पेटियां बरामद हुईं। इसी बीच हमीरपुर के उपायुक्त राज्य कर एवं आबकारी का शिमला ट्रांसफर हो गया। पूर्व में सरकार और विभाग में तालमेल न बैठने पर संयुक्त आयुक्त डॉ. सुनील कुमार भी बीते साल ही नौकरी छोड़ चुके हैं।

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