एन ए आई, ब्यूरो।

मनाली, प्रदेश में जारी बारिश के बीच मनाली-उदयपुर-पांगी मार्ग बाढ़ आने से ठप हो गया है। वीरवार शाम तक सूबे की 19 अन्य सड़कों पर भी वाहनों की आवाजाही बंद रही। उदयपुर के नजदीक थिरोट नाले में वीरवार शाम को बाढ़ आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। हालांकि इस घटना में जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। बीते रविवार को किन्नौर में बादल फटने से आई बाढ़ से ठप हुआ नेशनल हाईवे पांच शिमला-किन्नौर करीब 50 घंटों बाद वीरवार को बहाल हुआ।

जिला चंबा में भरमौर-हडसर मार्ग प्रंघाला के पास भारी भूस्खलन होने से यातायात के लिए बाधित हो गया है। मणिमहेश यात्रा पर जा रहे श्रद्वालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जेसीबी के सहारे श्रद्घालु प्रंघाला नाला पार कर दूसरे किनारे तक पहुंचाए गए। उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध परिसर में बुधवार रात को बारिश के बाद भूस्खलन हुआ। मंदिर के बकरा स्थल के पास पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के चलते बड़े-बड़े पत्थर नीचे गिर रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शुक्रवार को भी बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है।

बुधवार शाम छह बजे तक किन्नौर में आठ, कुल्लू में तीन, चंबा-कांगड़ा में दो-दो और बिलासपुर-हमीरपुर-लाहौल स्पीति में एक-एक सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। चंबा में दो और कुल्लू में एक बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद हैं। चंबा में तीन पेयजल योजनाएं प्रभावित चल रही हैं। ऊना, चंबा, शिमला और चंबा में वीरवार को छह कच्चे मकान, मंडी में तीन, बिलासपुर में दो और ऊना में एक गोशाला क्षतिग्रस्त हुई।

प्रदेश में जारी बरसात से अभी तक 40, 836 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। जिला कुल्लू और लाहौल में नदी-नाले उफान पर हैं। नालों में अचानक बाढ़ आने का सिलसिला जारी है। बुधवार देर रात को हुई भारी बारिश से तांदी-संसारी नाला मार्ग पर दारेड नाले में अचानक बाढ़ आने से अवरुद्ध हो गया है।

सीमा सड़क संगठन की टीम इस जगह पर वैकल्पिक मार्ग निकालने में जुटी है। लोक निर्माण विभाग के नाहन मंडल में बलसार सड़क पर मलबा आने से वीरवार शाम तक सड़क पर आवाजाही बाधित रही।

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