एन ए आई, ब्यूरो

शिमला, हिमाचल पुलिस ने एक बार फिर नंबर-1 का तमगा हासिल किया है। अपहरण और लापता लोगों को ढूंढने में देशभर में हिमाचल का स्थान पहले नंबर पर आता है, क्योंकि लापता लोगों को ढूंढ निकालने के राष्ट्रीय औसत 50.8 के मुकाबले राज्य का औसत 85.4 प्रतिशत है। अपहरण के मामले राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी), नई दिल्ली द्वारा भारत में अपराध-2021 में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार सूबे में वर्ष 2021 के दौरान अपहरण के कुल 430 मामले दर्ज किए , जबकि राज्य में 343 मामले दर्ज किए थे। 2020 और 2019 में 455 मामले शामिल रहे। हिमाचल प्रदेश में 2021 के दौरान अपहरण के मामलों की पंजीकरण दर राष्ट्रीय औसत 7.4 की तुलना में प्रति लाख जनसंख्या पर 5.8 है। हालांकि, हरियाणा में 12, पंजाब में 5.9, यूपी में 6.3, उत्तराखंड में 7.2, चंडीगढ़ में 12.7, दिल्ली में 26.7 और जम्मू-कश्मीर में 7.5 है। वर्ष 2021 के दौरान कुल 440 पीडि़तों का अपहरण किया गया, जबकि पिछले वर्ष के 88 पीडि़तों का पता नहीं चला। इन कुल 528 पीडि़तों में से 403 बाल पीडि़त (पुरुष 67 महिला 336) और 37 वयस्क (पुरुष 16, महिला 21) थे। कुल 528 पीडि़तों में से 451 ठीक हो गए।

राज्य में वर्ष 2021 के दौरान अपहरण व्यक्तियों की वसूली का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत 50.8 की तुलना में 85.4 है। अपहरण व्यक्तियों की वसूली में हिमाचल प्रदेश ओडिशा के बाद सभी राज्यों में दूसरे स्थान पर है। हरियाणा में रिकवरी प्रतिशत 78.9, पंजाब 42.9, यूपी 50, उत्तराखंड 5.5, चंडीगढ़ 41.2, दिल्ली 34.7 और जम्मू-कश्मीर 55.8 लापता व्यक्ति राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो द्वारा प्रकाशित आंकड़ों से पता चलता है कि इस दौरान कुल 444 बच्चों के लापता होने की सूचना मिली थी। वर्ष 2021 में 100 बच्चों का पता नहीं चला। वर्ष 2021 के दौरान कुल 544 लापता बच्चों में से 456 का पता लगा लिया गया। हिमाचल मेें लापता बच्चों का पता लगाने का 83.8 प्रतिशत है, डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा की गई इस तरह की पहल के कारण, हिमाचल प्रदेश अपहरण और लापता व्यक्तियों की वसूली/पता लगाने में उत्तर भारत में शीर्ष पर है। राज्य के प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के प्रयास जारी है।

Share:

editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *