एन ए आई, ब्यूरो। 

ऊना, यूक्रेन और रूस के बीच चल रही जंग में फंसे भारतीय छात्रों में से जिला के 63 छात्र-छात्राओं की सूची प्रशासन द्वारा तैयार की गई थी। जिसे जिला प्रशासन द्वारा प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को प्रेषित किया गया था। वही पिछले कुछ दिनों में ही यूक्रेन से 30 छात्र छात्राएं वापस घर लौट चुके हैं, जबकि 33 छात्र छात्राएं अभी भी यूक्रेन से भारत वापिसी के लिए बचे है। आज ही जिला ऊना के रककड़ कालोनी की दीपांशी सकुशल अपने घर लौट आई है। दीपांशी ने रूस-यूक्रेन के बीच चल रही जंग के बीच अपनी वतन वापिसी के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार का आभार जताया। दीपांशी ने बताया कि वो एमबीबीएस की पढ़ाई करने यूक्रेन गई थी और अभी दूसरा साल चल रहा था। दीपांशी ने कहा कि जिस क्षेत्र में वो थी वहां हालात ज्यादा खराब नहीं था लेकिन सरकार और यूनिवर्सिटी द्वारा उन्हें जल्द ही वापिस भारत भेजने के संदेश भेजने शुरू कर दिए थे। दीपांशी ने बताया कि भारत सरकार के अधिकारीयों ने बॉर्डर पार करवाने से लेकर फ्लाइट में बिठाने तक पूरी मदद की वहीँ दिल्ली पहुंचने पर प्रदेश सरकार के अधिकारीयों द्वारा उन्हें घर तक पहुंचाने के सभी इंतजाम किये गए थे। दीपांशी ने कहा कि भारत सरकार यूक्रेन में फंसे छात्र छात्रों को वापिस लाने के हरसंभव प्रयास कर रही है और उन्हें उम्मीद है कि सभी बच्चे सकुशल घर वापिस पहुंच जायेंगे।

वहीँ बेटी के घर पहुंचते ही दीपांशी के परिजनों ने भी राहत की सांस ली है। दीपांशी की माता प्रोमिला ने बताया कि भारत सरकार और प्रदेश सरकार के साथ साथ यूक्रेन में उसकी यूनिवर्सिटी द्वारा उनकी बेटी की मदद की है। उन्होंने कहा कि कठिन समय था अब निकल गया है।

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