एन ए आई, ब्यूरो।

शिमला, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के विकास में प्रशासनिक अधिकारियों का सदैव ही सराहनीय योगदान रहा है ।उनकी कड़ी मेहनत और व्यवसायिकता के फलस्वरुप प्रदेश को मॉडल राज्य के रूप में अपनी अलग पहचान कायम करने में मदद मिली है ।वह गत सायं यहां हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा अधिकारी संघ के वार्षिक अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एसडीएम की सुरक्षा के दृष्टिगत उनके साथ पीएसओ तैनात करने और जिन स्थानों पर एसडीएम के लिए सरकारी आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं है वहां रेंट फ्री आवास उपलब्ध करवाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों के समर्थन और ईमानदारी से राज्य सरकार ने अनेक सुधार सुनिश्चित किए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों में बहुत विपरीत परिस्थितियों में कार्य कर निष्ठा से अपने कर्तव्य का निर्वहन सुनिश्चित करते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में किये जा रहे नवोमेश प्रयासों और प्रतिबद्धता के कारण ही राज्य के सूचकांक कई बड़े राज्यों के मुकाबले बेहतरीन हैं। उन्होंने अधिकारियों से समर्पण के साथ कार्य करने को कहा ताकि सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से कार्यान्वित किया जाए और अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में प्रशासनिक अधिकारियों को न केवल पारदर्शिता व कर्मठता से कार्य करने की आवश्यकता है बल्कि उन्हें अधिक संवेदनशील भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी का बढ़ना भी बहुत ही सकारात्मक संकेत है।

जय राम ठाकुर ने प्रशासनिक अधिकारियों से सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने का आहृवान किया। इससे कार्यो के निष्पादन और प्रभावी निगरानी में भी मदद मिलती है। उन्होंने अधिकारियों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन की स्मारिका अभिव्यक्ति का विमोचन भी किया।

इस अवसर पर एसोसिएशन ने जय राम ठाकुर को हिमाचल की राजनीति के भद्रपुरुष की उपमा दी।
हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा अधिकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और एसोसिएशन की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्रदान की तथा विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। एसोसिएशन के महासचिव श्रवण मांटा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुभासीष पंडा, निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क हरबंस सिंह ब्रस्कोन और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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