एन ए आई, ब्यूरो।

ऊना, जिला मुख्यालय के खंड विकास अधिकारी कार्यालय में 2 दिन पहले कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं द्वारा दिए गए धरना प्रदर्शन के खिलाफ कर्मचारी महासंघ ने एका करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं खुद खंड विकास अधिकारी भी कर्मचारियों का साथ देते हुए धरने पर बैठे। दूसरी तरफ अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर और महासचिव तारा सिंह भी इस दौरान मौजूद रहे। दरअसल 2 दिन पूर्व कांग्रेस के नेताओं कार्यकर्ताओं ने खंड विकास अधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करते हुए पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग पर धांधली के आरोप जड़े थे। इतना ही नहीं धरने पर बैठे कांग्रेसियों ने मनरेगा में भी प्रवासी मजदूरों से काम लेने का आरोप लगाया था। उसी से नाराज हुए कर्मचारियों ने आज बीडीओ कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

धरना प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने कहा कि 2 दिन पूर्व असामाजिक तत्वों द्वारा खंड विकास अधिकारी के कार्यालय में घुसकर न सिर्फ धरना दिया गया, बल्कि गुंडागर्दी करते हुए कर्मचारियों को धमकाने का भी प्रयास किया है। जिसकी अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ कड़े शब्दों में निंदा करता है। उसी के खिलाफ आज ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के तमाम कर्मचारी संघों द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है और अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ इसका पूर्ण रूप से समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं कर्मचारियों के खिलाफ सहन नहीं की जाएगी।

ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के कर्मचारी संघ से जुगल किशोर ने 2 दिन पूर्व कार्यालय परिसर में दिए गए धरने प्रदर्शन की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि जो आरोप धरना प्रदर्शन के दौरान लगाए गए वह केवल मात्र एक या दो पंचायतों पर नहीं अपितु समूचे विभाग और सभी अधिकारियों कर्मचारियों पर जड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि आज कर्मचारियों द्वारा सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया जा रहा है और यदि भविष्य में कर्मचारियों के साथ इस तरह का धक्का करने का कोई प्रयास करेगा तो एसोसिएशन को कड़ा कदम उठाने पर विवश होना पड़ेगा।

दूसरी तरफ कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन के दौरान साथ दे रहे खंड विकास अधिकारी रमन वीर चौहान ने कहा है कि किसी पंचायत विशेष पर यदि आरोप लगते हैं तो उसके खिलाफ जांच शुरू की जाती है। 2 दिन पहले कार्यालय में धरना प्रदर्शन करने वाले लोगों द्वारा भी जिस पंचायत के खिलाफ आरोप जड़े गए थे उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन जांच रिपोर्ट आने से पूर्व कार्यालय में घुसकर इस तरह का माहौल पैदा करना कानून सम्मत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है। वही रमन वीर चौहान ने चेतावनी दी है कि यदि आने वाले समय में इस तरह की घटना कार्यालय में होती है तो फिर पुलिस का सहारा लिया जाएगा।

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