एन ए आई, ब्यूरो।

शिमला, सांसद और हिमाचल प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि देश और हिमाचल का अनुसूचित जाति वर्ग कांग्रेस को पूरी तरह से नकार चुका है। अनुसूचित जाति वर्ग के हितैषी होने का ढोंग करने वाली कांग्रेस पार्टी की पोल खुल चुकी है। उन्होंने कहा कि इतिहास से लेकर वर्तमान इस बात का गवाह है कि अनुसूचित जाति वर्ग को ठगने और इस वर्ग के नेताओं को अपमानित करने के सिवाय कांग्रेस ने कोई काम नहीं किया।

सुरेश कश्यप ने कहा कि पूरा देश जानता है कि कैसे दलित नेता बाबू जगजीवन राम जिन्होंने बतौर रक्षा मंत्री भारत.पाकिस्तान के साथ युद्ध में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उन्हें कैसे कांग्रेस ने प्रधानमंत्री बनने से रोक दिया। यही नहीं, सीताराम केसरी जैसे इतने बड़े दलित नेता जो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे उन्हें सार्वजनिक रूप से जलील किया गया। युवा कांग्रेस के नेताओं ने तो उनकी धोती तक खोलने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ इसलिए किया गया कि दलित नेता को हटाकर राष्ट्रीय कांग्रेस की कमान सोनिया गांधी के हाथ में दी जाए। आज पूरा देश देख रहा है कि 1998 से लेकर 2022 तक सोनिया गांधी ही अध्यक्ष हैं। केवल 2017 से 2019 तक ही सोनिया गांधी कांग्रेस की अध्यक्ष नहीं रही तो उन्होंने राजकुमार राहुल गांधी को अध्यक्ष बनवा दिया।

सुरेश कश्यप ने कहा कि इसके विपरीत बीजेपी की ओर से मुझे हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष पद का जिम्मा दिया गया है। हाल ही में बीजेपी की ओऱ से अनुसूचित वर्ग से संबंधित प्रो0 सिकंदर कुमार राज्यसभा पहुंचे। हमारी सरकार में कई योजनाएं और कार्य हुए हैं जो प्रत्येक वर्ग को लाभान्वित कर रहे हैं।

सुरेश कश्यप ने कहा कि आंकड़े भी इस बात की तस्दीक कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनावों में अनुसूचित जाति की 17 विधानसभा सीटों में से 13 में अनुसूचित जाति वर्ग ने बीजेपी को बहुमत दिया। देश में 2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों में से 40 पर जीत दर्ज की। जबकि कांग्रेस दहाई के आकंड़े तक भी नहीं पहुंच सकी और 7 सीटें ही जीत सकीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 46 सीटों में जीत दर्ज जबकि कांग्रेस महज 5 सीटों में सिमट कर रह गई।

Share:

editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *