एन ए आई, ब्यूरो।

ऊना, जिला के सैली गांव के जंगल में 20 मई को हुई आगजनी की चपेट में आए वनरक्षक राजेश कुमार की पार्थिव देह मंगलवार देर शाम उनके पैतृक गांव बदोली पहुंची। राजेश का शव गांव में पहुंचते ही मातमी चीत्कार के साथ सन्नाटा पसर गया। गौरतलब है कि हादसे के बाद नाजुक हाल में राजेश को पीजीआई रेफर किया गया था जहां 3 दिन तक जिंदगी और मौत के बीच चली जंग राजेश हार गया। फर्ज की राह पर प्राणों की आहुति देने वाले राजेश ने एक मिसाल कायम की है।

आगजनी का शिकार हुए वनरक्षक राजेश कुमार की पार्थिव देह मंगलवार देर शाम उनके पैतृक गांव बदोली पहुंची। राजेश कुमार को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विवेक शर्मा वन मंडल अधिकारी मृत्युंजय माधव समेत विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी उनके निवास पर पहुंचे। राजेश के घर का माहौल बेहद गमगीन था वही हर आंख नम देखी गई। इस मौके पर कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि राजेश कुमार ने फ्रिज की राह पर अपने प्राणों की आहुति देते हुए अन्य लोगों के लिए भी एक मिसाल कायम की है।

उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों ने 1 में आग लगाई थी वही तूफान के चलते आगजनी ने रौद्र रूप धारण कर लिया और 20 मई को हुई इस घटना में आग पर काबू पा के समय राजेश कुमार उसकी चपेट में आने के चलते करीब 90 फ़ीसदी तक झुलस गए थे। जबकि पीजीआई चंडीगढ़ में करीब 3 दिनों तक चले उपचार के बाद राजेश ने दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दिवंगत राजेश के परिवार के साथ खड़ी है। जांबाज वनरक्षक राजेश के परिवार को जो भी संभव मदद होगी सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

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