एन ए आई ब्यूरो।

ऊना, जिला मुख्यालय के बचत भवन में आज जिला में गैर सरकारी संगठनों द्वारा संचालित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों के संचालकों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। हिमाचल प्रदेश राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण एवं जिला स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की जबकि जिला में कार्य कर रहे सभी केंद्रों  संचालक, और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि पिछले लंबे समय से जिला में काम कर रहे कुछ नशा मुक्ति  एवं पुनर्वास केंद्रों की शिकायतें विभागों को मिल रही थी जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीमों ने इन केंद्रों का निरीक्षण किया था जिसमें से कुछ केंद्रों में कमियां भी पाई गई थी। निरीक्षण के बाद आयोजित की गई आज की कार्यशाला में केंद्रों के संचालकों को इन केंद्रों के संचालन को किस तरह किया जाये इस बारे जानकारी दी गई वहीँ भविष्य में केंद्रों के रखरखाव को लेकर उचित दिशा निर्देश भी दिए गए। इस दौरान कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर युवाओं का नशे की दलदल में फंसना चिंतनीय विषय है, जिसे रोकने के लिए प्रदेश सरकार गंभीरता के साथ कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने नशे पर लगाम लगाने के लिए इंटिग्रेटेड ड्रग प्रिवेंशन पॉलिसी को मंजूरी दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य नशे की तस्करी और नशीले पदार्थों का दुरूपयोग रोकना है। नीति के तहत युवाओं को नशे की लत से छुटकारा दिलाने और तस्करी रोकने के लिए हिमाचल प्रदेश में एक निदेशालय शीघ्र ही बनाया जाएगा। निदेशालय बनाने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि इस नीति के तहत नशे को रोकने के लिए गांव में सूचना तंत्र स्थापित होंगे तथा संबंधित विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर नशा माफिया के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाएंगे।

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