एन ए आई, ब्यूरो।

ऊना, जिला मुख्यालय के एमसी पार्क के नजदीक आज संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती धूमधाम से मनाई गई। श्री गुरु रविदास सभा की जिला इकाई द्वारा आयोजित किए गए कार्यक्रम में प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।

कार्यक्रम के दौरान जहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कलाकारों ने उपस्थित लोगों का मन मोहा वहीं दूसरी तरफ कार्यक्रम में मौजूद तमाम वक्ताओं ने बाबासाहेब अंबेडकर के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए समाज को समरसता का संदेश दिया।

जिला मुख्यालय पर श्री गुरु रविदास महासभा की जिला इकाई द्वारा संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर उच्च न्यायालय के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी बतौर मुख्य अतिथि पधारे।

इस मौके पर न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी ने समाज के सभी वर्गों को सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर को यदि सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करनी है तो उसके लिए उनके दिखाए मार्ग पर चलना बेहद जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि डॉ अंबेडकर ने शिक्षा को महत्व दिया और उनका यह लक्ष्य रहता था कि समाज के प्रत्येक बालक और बालिका का शिक्षित होना नितांत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि डॉ आंबेडकर ने बाल्यकाल से ही छुआछूत जैसी कुरीति के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। दरअसल इस कुरीति की बेहद मजबूत ठाक उनके मन मस्तिष्क पर पड़ी थी यही कारण था कि उन्होंने इस कुरीति को जड़ से खत्म करने के लिए संविधान में भी तमाम प्रावधान किए।

 

 

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