एन ए आई, ब्यूरो।

ऊना, प्राचीनतम धार्मिक स्थल डेरा बाबा रूद्रानंद में आज होली के पावन अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर डेरा में ध्वजारोहण की वार्षिक रस्म अदा की गई। जिसके लिए हिमाचल प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में डेरा अनुयाई कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। सदियों से चल रहे अखंड धूने के सानिध्य में चल रहे डेरा बाबा रूद्र नंद आश्रम में प्रतिवर्ष होली के अवसर पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है वहीं पुष्प और रंगों की वर्षा के बीच होली खेली जाती है।

इसी श्रृंखला में शुक्रवार को होली के पावन अवसर पर डेरा बाबा रूद्र नंद में झंडा चढ़ाने की रस्म अदा की गई। सुबह के सत्र में हुई पूजा अर्चना के बाद पुष्प और रंगों की वर्षा के बीच मंत्रोच्चारण के साथ ध्वजारोहण किया गया। हर बर्ष फाल्गुन के विक्रमी महीने में पुर्णिमा के दिन डेरा बाबा रुद्रानंद में ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया जाता है। जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के साथ साथ विदेशों में बसे डेरा बाबा रुद्रानंद के अनुयायी हिस्सा लेने पहुंचते है। डेरा बाबा रूद्र नंद में सदियों से अखंड धूना चलता आ रहा है जिसके प्रति लाखों लोगों की अगाध आस्था है।  उसी आस्था के वशीभूत होली के पावन अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु डेरा बाबा रूद्र नंद पहुंचकर नतमस्तक हुए और होली का पवित्र पावन पर्व मनाया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जहां एक-दुसरे को गुलाल लगाया वहीँ फूलों की होली भी खेली गई। डेरा बाबा रुद्रानंद आ रहे श्रद्धालुओं का कहना है कि आश्रम में हुआ ध्वजारोहण सुख समृद्धि का परिचायक है। इस ध्वजारोहण का अर्थ यह है कि डेरा कि चारों दिशाओं में सुरक्षा कवच और सुख समृद्धि प्रदान करता है। होली के पावन पर्व की लंबे अरसे से यह परंपरा रही है कि इस दिन आश्रम में ध्वजारोहण किया जाता है। उन्होंने कहा कि बाबा रूद्र नंद महाराज के सानिध्य में पुष्प और रंगों की वर्षा के बीच मंत्रोच्चारण के साथ है ध्वजा का स्वागत किया गया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि डेरा के प्रति लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की प्रगाढ़ आस्था है, उसी आस्था का प्रतीक इस ध्वज को माना जाता है।

Share:

editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *