एन ए आई ब्यूरो।

किन्नौर,जिला किन्नौर में बर्फबारी थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। जिला में बर्फबारी के सिलसिला रुक-रुक कर जारी है। जिसके चलते बर्फबारी से समूचा जिला बर्फ की आगोश में सिमट गया है,जिस ओर भी नजर दौड़ाई जाए सफेद चादर बिछ गई है। जिला में बीते 3 दिनों से हो रही बर्फबारी के चलते लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जनजातीय जिला किन्नौर में कई सम्पर्क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बाधित है।सड़कों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। जिसके कारण लोगों को अपने गंतव्य तक का सफर पैदल ही तय करना पड़ रहा है। बर्फबारी के कारण लोगों का हाल बेहाल है। हालांकि जिला के किसान व बागवान साल के शुरुआती दिनों में हो रही बर्फबारी को हर लिहाज सेन उत्तम मान रहे है। विशेष कर इस तरह की बर्फबारी सेब के लिए खासा उत्तम माना जाता है।इस समय किन्नौर के पर्यटन स्थल छितकुल,रकछम, सांगला, कल्पा, नाको, रोपा वेली, हंगरंगघाटी आदि उँचाई वाले क्षेत्रों में 3 से लेकर 4 फिट के बीच बर्फबारी दर्ज की गई है। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में आधा फिट से अधिक बर्फ पड़ चुकी है।बर्फबारी के कारण जिला के 62 के आस पास सम्पर्क सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं।जिनमें कल्पा सब डिवीजन की 21,पूह में 31 व निचार सब डिवीजन में 10 सम्पर्क मार्ग अवरुद्ध हो गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के सड़कों के अवरुद्ध होने से लोगों को जान जोखिम में डाल कर बर्फ के बीच कई मिल पैदल चलना पड़ रहा है। रिकांगपिओ से लम्बी दूरी शिमला, चंडीगढ, दिल्ली ,हरिद्वार इत्यादि क्षेत्रों के लिए चलने वाले बसों को टापरी से ही चलाई जा रही हैं। वहीँ जिला के कई क्षेत्रोँ में बिजली सप्लाई बाधित होने से इन इलाकों के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला किन्नौर के कल्पा में न्यूनतम तापमान – 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। तापमान में भारी गिरावट होने के कारण कई क्षेत्रों में पेयजल की पाइपें जम जाने के कारण लोगों को पेयजल के लिए भी असुविधा उठानी पड़ रही है।

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