एन ए आई ब्यूरो।

ऊना, सतलुज जल विद्युत प्रबंधन के संयुक्त तत्वाधान में कृषि विज्ञान केंद्र ऊना में आयोजित किए जा रहे समेकित खेती प्रशिक्षण शिविर के दौरान किसानों को न सिर्फ खेती बल्कि खेती क्षेत्र में गिने जाने वाले डेरी फार्मिंग, खुम्ब उत्पादन, मत्स्य पालन या मधु मक्खी पालन या अन्य व्यवसायों में किसानों की आर्थिकी को बढ़ाने और जीवन स्तर को उन्नत करने के उपयोगी टिप्स दिए जा रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र की प्रभारी डॉ योगिता शर्मा ने बताया कि किसानों को नकदी फसलों में सब्जी उत्पादन के संबंध में समसामयिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़ा कर व्यवसायिक खेती की तरफ ले जाया जाए और उसके लिए नकदी फसलों की तरफ उनका रुझान बढ़ाना बेहद जरूरी है। उसके लिए किसानों को कारोबार के संबंध में वैज्ञानिक जानकारी होना बेहद जरूरी है। ताकि समय के अनुसार वह समस्याओं का स्वयं भी निराकरण करने में सक्षम बन सके। कई बार छोटी सी समस्या के लिए किसान भारी भरकम खर्च उठाते हैं लेकिन उसके बाद भी जब समस्या हल नहीं होती तो कृषि विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिक तरीके से उस समस्या का हल बेहद कम खर्च में निकाल दिया जाता है। इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य यही है कि किसान यदि समेकित खेती करेंगे और उसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाएंगे तो आने वाले समय में आप की आर्थिकी अवश्य मजबूत होगी।

Share:

editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *