एन ए आई, ब्यूरो।

शिमला, भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा की कांग्रेस ने हमेशा बाबा साहेब आंबेडकर के साथ सामाजिक और राजनीतिक अन्याय किया, बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आधुनिक भारतीय चिन्तकों में एक प्रतिनिधि नाम हैं ।

वह एक प्रख्यात अर्थशास्त्री , कानूनविद , राजनेता तथा महान समाज सुधारक रहे हैं । साथ ही भारत राष्ट्र के निर्माताओं की प्रथम सूचि में शामिल रहे हैं । आज भारत की जो रूप रेखा हम और आप देख पा रहे हैं । 75 साल पहले बाबा साहेब राव अम्बेडकर के नेतृत्व में भी बनाई गयी थी ।

बाबा साहेब ने इस देश के हर एक नागरिक को ऐसा हथियार दिया है जिसके दम पर वह अपने अधिकार की लड़ाई लड़ सकता है । उस हथियार का नाम है ‘ सविधान ‘ । दलित – शोषित , पिछड़ों की लड़ाई से लेकर देश के पहले कानून मंत्री बनने तक के अपने सफर में बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर ने अनंत संघर्ष किए लेकिन कांग्रेस ने उनका सिर्फ राजनीतिक इस्तेमाल किया ।

जवाहर लाल नेहरू मंत्रीमंडल में उन्हें जगह तो मिली लेकिन सिर्फ दलित – शोषित और पिछड़ों के वोट बैंक को साधने की राजनीति के चलते ।
खन्ना ने कहा की आजादी के तुरंत बाद एक समय आया जब बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर का समाज में कद और लोक प्रियता तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से भी बड़ी हो चली थी ।

लिहाजा घबराए नेहरू समर्थकों ने बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के साथ षड्यंत्र किया और जानबूझकर बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर को दो बार आम चुनाव हराया । वहीं कांग्रेस ने अबतक सिर्फ बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर का सिर्फ अपमान ही किया है । बाबा साहेब नहीं चाहते थे कि भारत का बंटवारा हो और पाकिस्तान बने लेकिन पंडित नेहरू की महत्वकांक्षा ने देश को दो भांगों में बांट दिया ।
उन्होंने कहा की बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर नहीं चाहते थे कि जम्मू – कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिले ।

वहां धारा 370 और 35A लगाई जाये लेकिन नेहरू सरकार ने बाबा साहेब की इच्छा के खिलाफ जाकर देश पर धारा 370 को थोप दिया । कांग्रेस की बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर से नफरत का आलम यह है कि संविधान निर्माता को उनकी मृत्यू के 34 साल बाद भारत रत्न दिया गया । वह भी भाजपा समर्थित राष्ट्रीय मोर्चा की सरकार द्वारा । जबकि इन 34 सालों में देश में पंडित जवाहर लाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकार भी रहीं ।

खन्ना ने कहा की देश की आजादी को 75 साल पूरे हो चुके हैं लेकिन इन 75 सालों में बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर का एक भी स्मारक कांग्रेस सरकार ने नहीं बनाया ।

यह काम भी नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने ही शुरू किया है । परेशान करने वाली बात यह भी है कि कांग्रेस ने संसद में बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की तस्वीर तक नहीं लगने दी ।

जब भी बाबा साहेब की तस्वीर संसद में लगने की मांग उठी , कांग्रेस ने दीवार खाली नहीं होने का बहाना बनाकर उनका अपमान किया । साल 1989 में भाजपा समर्थित राष्ट्रीय मोर्चा की सरकार बनी तब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने पहल कर संसद के केंद्रीय कक्ष में बाबा साहेब की तस्वीर लगवाई ।

अब जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की स्मृतियों , शिक्षा और संस्कार को जिंदा करने का प्रयास किया है तब कांग्रेस सहित दूसरे विरोधी दल परेशान हो उठे हैं । अब बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर को अपनाने की होड़ लग गयी है लेकिन यह दल भूल रहे हैं कि यह भाजपा को कॉपी कर सकते हैं लेकिन बाबा साहेब भीवराम अम्बेडकर को आत्मसात करने वाली नियत कहां से लायेंगे।

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