एन ए आई ब्यूरो।

ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। लेकिन इसका प्रभाव सभी लोगों पर पड़ेगा। भारत में दृश्यता बिलकुल शून्य रहेगी इसलिए यहाँ इसका सूतक काल नहीं माना जाएगा।

साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर को लग रहा है। हिंदू पंचांग अनुसार ये ग्रहण मार्गशीर्ष मास की अमावस्या को वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र में लगने जा रहा है। ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। लेकिन इसका प्रभाव सभी लोगों पर पड़ेगा। चूंकि भारत में दृश्यता बिलकुल शून्य रहेगी इसलिए यहाँ इसका सूतक काल नहीं माना जाएगा। धार्मिक मान्यताओं अनुसार सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक शुरू हो जाता है। जिस दौरान कुछ विशेष कार्यों को करने की मनाही होती है। जानिए सूर्य ग्रहण से संबंधित सभी जरूरी जानकारी यहां।

सूर्य ग्रहण कब और कहां देगा दिखाई? इसकी दृश्यता अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, अटलांटिक के दक्षिणी भाग, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका में होगी। भारतीय समय के अनुसार ग्रहण की शुरुआत सुबह 10 बजकर 59 मिनट से होगी और इसकी समाप्ति दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर होगी। ग्रहण काल की कुल अवधि 4 घंटे 4 मिनट की होगी। भारत से ये ग्रहण नहीं दिखाई देगा इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।

सूतक काल?

इस ग्रहण का सूतक काल नहीं लग रहा है। ज्योतिष अनुसार उसी ग्रहण का सूतक माना जाता है जो अपने क्षेत्र में दृश्यमान हो। चूंकि भारत में साल का आखिरी सूर्य ग्रहण नहीं लग रहा है इसलिए इसका सूतक काल भी नहीं माना जाएगा। बता दें सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से ठीक 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किये जाते। सूतक काल की अवधि में खाना बनाना और पकाना दोनों मना होता है। भगवान की मूर्ति और तुलसी का पौधा स्पर्श नहीं कर सकते। इस दौरान सोने से भी बचना चाहिए।

सूर्य ग्रहण का राशियों पर प्रभाव:

मिथुन, कन्या, मकर और कुंभ राशि वालों पर ग्रहण का शुभ प्रभाव पड़ेगा। करियर में तरक्की के रास्ते खुलेंगे। आमदनी बढ़ सकती है। नई नौकरी के ऑफर आने के आसार रहेंगे। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। वहीं वृश्चिक, मेष, धनु और वृषभ राशि वालों के लिए ग्रहण अच्छा नहीं माना जा रहा है। इन राशि के जातकों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सतर्क रहें।

ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के उपाय:
मन ही मन ईश्वर की अराधना करनी चाहिए।
सूर्य देव के बीज मंत्र का जप करना चाहिए।
सूर्य ग्रहण के लगने से ठीक पहले खाने-पीने की वस्तुएं जैसे पके हुए भोजन, दूध, दही, घी, मक्खन, अचार, पानी, आदि में कुश या तुलसी के पत्ते डाल देने चाहिए।
ग्रहण के तुरंत बाद नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान कर लें। उसके बाद पूजन करें।
ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए ग्रहण की समाप्ति के बाद जरूरतमंदों को कुछ न कुछ दान करें।

सूर्य ग्रहण सूतक
4 दिसंबर को लगने वाले ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। क्योंकि ये ग्रहण भारत में नहीं लग रहा है। सूतक काल उसी ग्रहण का माना जाता है जो ग्रहण अपने क्षेत्र में दृश्यमान हो।

इन 4 राशि के लोग रहें सतर्क
इस दौरान वृश्चिक वालों को विशेष रूप से सावधान रहना होगा। मानसिक तनाव ज्यादा रहेंगे। वृषभ राशि वालों के लिए ये ग्रहण उतना अच्छा नहीं दिखाई दे रहा है। मेष राशि वालों को धन हानि होने की संभावना रहेगी। मान-सम्मान में कमी आ सकती है। यात्रा से नुकसान होने के आसार हैं। धनु राशि वालों के खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए आप भी सावधान रहें।

सूर्य ग्रहण का समय
ग्रहण की शुरुआत 4 दिसंबर को सुबह 11 बजे से होगी और इसकी समाप्ति दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर। पंचांग अनुसार ग्रहण मार्गशीर्ष मास की अमावस्या को लगने जा रहा है। ग्रहण के समय सूर्य, चंद्रमा, बुध तीनों वृश्चिक राशि में होंगे। ये पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा जो उस स्थिति में घटित होता है जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा आकर सूर्य की रोशनी को पूरी तरह से अपने पीछे ढक लेता है।

सूर्य ग्रहण के उपाय
सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य देव की आराधना करना सर्वाधिक उपयुक्त होता है। भगवान शिव भगवान शिव के किसी भी मंत्र का जाप करना आपके लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो सकता है।

ग्रहण कहां देगा दिखाई?
भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा लेकिन विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई देगा जिनमें ऑस्ट्रेलिया, बोत्सवाना, मॉरीशस, दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, मेडागास्कर, दक्षिण जॉर्जिया और तस्मानिया जैसे देश शामिल हैं।

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