एन ए आई ब्यूरो।

ऊना, जिला ऊना मुख्यालय समेत साथ सटे गांव लोअर अरनियाला और लोअर कोटला कलां को भी अब बरसाती पानी की समस्या से निजात मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। आज वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने लोअर अरनियाला पहुंचकर ऊना शहर जल निकासी योजना कार्य के प्रथम चरण का भूमि पूजन किया। जल निकासी योजना के पहले चरण पर करीब 831 करोड रुपए की लागत आएगी। गौरतलब है कि बरसाती पानी के चलते इस समूचे क्षेत्र में जहां जलभराव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है वहीं इसके साथ-साथ हमीरपुर रोड से लेकर टक्का रोड तक सभी खेत पानी में डूबे रहते हैं। खेतों में जलभराव की समस्या के कारण किसानों को भी हर साल लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं अब करीब 7×7 का बड़ा नाला बना कर इस पूरे क्षेत्र को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए इस परियोजना को शुरू किया जा रहा है।

इस मौके पर वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि जिला मुख्यालय समेत आसपास के क्षेत्रों में बरसात के सीजन के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया गया था। जिसके चलते समूचे क्षेत्र में करीब 42 करोड़ रुपए की लागत से ड्रेनेज का एक जाल बिछाया जा रहा है जिससे न केवल जिला मुख्यालय बरसाती पानी की समस्या से मुक्त होगा बल्कि इसके साथ साथ लोअर अरनियाला, लोअर कोटला कलां, रामपुर और लालसिंगी के क्षेत्र को भी बरसाती पानी की समस्या से निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में जहां जिला मुख्यालय का डीसी ऑफिस पानी में डूबा रहता था वहीं आसपास के क्षेत्रों में भी लोगों को जलभराव की समस्या से काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था जबकि किसानों को प्रतिवर्ष बरसात के मौसम में होने वाले खेती सीजन के दौरान लाखों रुपए की क्षति होती थी। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 831 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस ड्रेनेज के चलते हमीरपुर रोड से लेकर टक्का रोड तक शहरवासियों और लोअर कोटला कला एवं लोअर अरनियाला के निवासियों को भी काफी राहत मिलेगी।

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