एन ए आई ब्यूरो।

ऊना, आपने आज तक स्ट्रॉबेरी की खेती को मिटटी में होते हुए देखा होगा लेकिन ऊना के प्रगतिशील किसान युसूफ खान ने स्ट्रॉबेरी की पैदावार के लिए एक नया प्रयोग कर सबको हैरत में डाल दिया है। युसूफ ने हाइड्रोपोनिक तकनीक में नए प्रकार का तड़का लगाते हुए अब स्टैग्नेटिड वाटर में स्ट्रॉबेरी कल्टीवेशन का सफल परीक्षण किया है। जिसके लिए किसान युसूफ खान ने पहले प्रयोग के तौर पर 5 पौधे लगाए थे। जिनमें अधिकतर पौधों के सफल रहने के बाद इसका पहला कमर्शियल परीक्षण किया गया। स्टैग्नेटिड वाटर में हाइड्रोपोनिक का तकनीक से स्ट्रॉबेरी का उत्पादन परीक्षण के तौर पर सफल रहा है। इतना ही नहीं पहले ही परीक्षण में आने वाले 15 से 20 दिन में बंपर फसल होने की भी उम्मीद जताई जा रही है। कृषि कारोबार में हाइड्रोपोनिक स्टैग्नेटिड वाटर तकनीक का इस्तेमाल इससे पहले कभी नहीं हुआ। मजेदार बात यह है कि इस तकनीक में बिजली का खर्च भी शून्य है। रुके हुए पानी में न तो किसी पंप की जरूरत है और न ही किसी कूलिंग डिवाइस की आवश्यकता। सीजनल क्रॉप में केवल मात्र न्यूट्रिएंट्स डालने का ही इसमें खर्च आएगा। इसका एक फायदा और भी है जो खेतों में लगाए जाने वाले स्ट्रॉबेरी में नहीं होता है, खेतों में लगाई गई फसल अक्सर सड़ भी जाती है। वहीं स्टेगनेटेड वाटर हाइड्रोपोनिक में पौध के नीचे थर्माकोल की शीट बिछाने से फसल के पानी में गिरने का खतरा कम हो जाता है। इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इससे लगने वाला फल बहुत बहुत ही हेल्थी है। प्रगतिशील किसान युसूफ खान ने बताया कि उन्होंने स्टेग्नेटिड वाटर हाइड्रोपोनिक तकनीक से स्ट्रॉबेरी लगाने का कमर्शियल परीक्षण किया है जोकि कामयाब रहा है और स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए यह एक अच्छी विधि है।

 

दरअसल यह तकनीक केवल बागवानों और किसानों के लिए ही नहीं बल्कि घरेलू उपयोग में भी स्ट्राबेरी का उत्पादन करने के लिए आसान विधि है। स्ट्रॉबेरी की बाजारू कीमत की बात की जाए तो केवल मात्र ढाई सौ ग्राम स्ट्रॉबेरी 100 रूपये में बिकती है। जबकि घर में इसे उन्नत तकनीक के साथ विशुद्ध रूप में भी तैयार किया जा सकता है। स्टैग्नेटिड वाटर हाइड्रोपोनिक तकनीक से स्ट्रॉबेरी की फसल लेने वाले किसान युसूफ खान का कहना है कि यदि सीजनल इस खेती को लिया जाए तो उसमें कोई भी खर्च नहीं आएगा। यदि आप इस फसल को ऑफ सीजन में लेना चाहते हैं तो आपको केवल मात्र न्यूट्रिएंट्स सॉल्यूशन का टेंपरेचर मेंटेन करना पड़ेगा। इस टेंपरेचर को मेंटेन करना भी कोई बड़ी बात नहीं है। ग्रीन हाउस में तो हमेशा ही टेंपरेचर मेंटेन ही रहता है। जिनके पास फूली हाईटेक या सेमी हाईटेक पोली हाउस हैं, उन्हें इस खेती में कोई दिक्कत नहीं आएगी। लेकिन नेचुरल वेंटिलेशन वाले ग्रीन हाउस में इस फसल की पैदावार लेने के लिए कुछ न कुछ प्रबंध जरूर करना पड़ेगा।

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