एन ए आई, ब्यूरो।

नौहराधार, सिरमौर का एक गांव आज भी 200 साल पहले की जिंदगी जीने का मजबूर है। गांव में यदि कोई बिमार हो जाता है, तो उसे पीठ या चारपाई पर चार किलोमीटर चढ़ाई चढ़ सडक़ तक पहुंचाना पड़ता है। कुछ ऐसा ही वाकया मंगलवार रात को पेश आया। गांव सवाडी के 42 वर्षीय नैन सिंह की रात को अचानक तबीयत बिगड़ गई।

आधी रात के बाद गांव के लोग नैन सिंह के घर पहुंचे और उसे लकड़ी के एक डंडे बांध कर चार किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढऩे के बाद सुबह पांच बजे सडक़ तक पहुंचे। उसके बाद 108 एंबुलेंस ने बढ़ोल में फिर दो घंटे से भी अधिक समय तक इंतजार कराया।

मरीज को 108 एंबुलेंस से संगड़ाह ले जाया गया, जहां से डाक्टरों ने उसे मेडिकल कालेज नाहन रैफर कर दिया। कुना व सवाडी गांव में इस तरह की घटना पहली बार पेश नहीं आई है। जब भी गांव में कोई बीमार पड़ता है, उसे चार किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई में लकड़ी के डंडे में बांध कर कंधो पर उठाकर बडोल तक पहुंचाना पड़ता है।

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